पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी की जीवन परिचय/cricketer Vishan Singh Bedi biography in .Hindi

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ऑलराउंडर और कप्तान बिशन सिंह बेदी नहीं रहे। लंबी बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। 23 से अक्टूबर 2023 को सुबह उनका निधन हो गया। उनके घुटने का ऑपरेशन हुआ था जिस कारण संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और उनकी मौत हो गई।

बिशन सिंह बेदी की जीवन परिचय
बिशन सिंह बेदी काजल में 25 सितंबर 1946 को अमृतसर में हुआ था। उनके पत्नी का नाम अंजू तथा बेटे का नाम अंगद और बेटी का नाम नेहा है। बच्चे अपने टेस्ट करियर में 67 माचो में 266 विकेट लिए. वह 22 टेस्ट में भारतीय टीम के कप्तान रहे। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वह लंबे समय तक सक्रिय रहे। उनके नाम पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1560 विकेट दर्ज है। अपने स्वभाव और विभक्ति के लिए विधि का नाम क्रिकेट जगत में अदब से लिया जाता था। बिशन सिंह बेदी ने हिंदू कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और वहीं से अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की। बिशन सिंह बेदी उन माहिर फ्लेयरों में थे जिन्होंने क्रिकेट में मानसी के जंग को अहम माना। आईए जानते हैं उनसे जुड़े कुछ किस्से।
पहली बार बॉल टेंपरिंग का आरोप लगाया।
1976 और 1977 में इंग्लैंड टीम भारत आई थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन लीवर ने अपनी बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी के कारण दिल्ली और कोलकाता में शुरुआती दो टेस्ट मैच में 12 विकेट झटके थे। इसके बाद मद्रास टेस्ट में वह 7 विकेट लेने में सफल रहे। इसी टेस्ट में बेदी ने लीवर और बॉब विलेज पर बाल टेपरिंग का आरोप लगाया था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा आप पहली बार लगा था। अंपायर रूबेन नेवी माना था कि उन्होंने मैदान पर एक पट्टी देखी थी जिस पर चिपचिपा पदार्थ से लगा था। जब इसके बारे में टोनी ग्रेग को बताया तो वह बोले कि यह वैसलीन है। उक्त पट्टी को जांच के लिए मद्रास की एक फोरेंसिक के लैब में भेजा गया था जिसकी रिपोर्ट कभी नहीं आई। कई साल बाद है अंपायर रोबेन ने एक इंटरव्यू में कहा था मैं मानता हूं कि ऐसा नहीं होना चाहिए था लेकिन हुआ। इसके बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे।
जिम लेकर का बड़ा कमेंट टेस्ट।
टेस्ट क्रिकेट में पहली बार एक पारी में 10 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज जिम लेकर ने एक के बार कहा था कि अगर मेरा सामना लिंग के वॉल और विशन सिंह बेदी गेंदबाज कर रहे हो तो नॉन स्ट्राइक और पर बल्लेबाज अपने आप को भाग्यशाली मानता है।
खुद धोते थे कपड़े, घर के बने खाने को देते थे तरजीह।
विशन सिंह बेदी ने एक इंटर भी में बताया था कि गेंदबाजी के लिए मजबूत अंगुलियां होनी जरूरी है। इसी कारण मैं उंगलियों को मजबूत बनाने और कलाई को लचीला बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोता था। इससे बन गोलियों को ताकत मिलती थी और गेंद को उंगलियों में फंसा कर घुमाना आसान होता था। बताया जाता है कि बिजी को होटल लिया रिश्ता में जाकर खाना खाना पसंद नहीं था। वह हमेशा घर के बने खाने को भी तारीफ करते थे।
एंपायर के वाइल्ड न देने पर बल्लेबाज वापस बुलाए।
1978 में पाकिस्तान के साहीवाल में भारत पास के बीच मुकाबला खेला जा रहा था। भारत को जीत के लिए 18 गेंदों पढ़ते रन चाहिए थे और उसके 8 विकेट बचे हुए थे। तभी पाकिस्तान के तीज गंद बाज सर्फ आज नवाज ने लगातार चार बाउंसर फेंकी। एंपायर ले किसी भी गेंद को वाइज नहीं दिया। यह आदेश कर बिजी गुस्सा हो गए। उन्होंने अपने बल्लेबाजों को मैदान से वापस बुला लिया। बाद में पाकिस्तान को मैच विजेता घोषित कर दिया गया। भेजी की स्क्रिप्ट के लिए काफी आलोचना हुई थी।
टीम इंडिया को भी समुद्र में फेंकने की धमकी।
1989 और 1990 में विश्व सिंह बेदी न्यूजीलैंड लौड़े पार्टी इंडिया के मैनेजर बन कर गए थे। वहां रोमांस कब में भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया से हार झेलनी परी। थीम इंडिया की हार से बेरी बेहद गुस्सा दिखे। उस वक्त उन्होंने कहा था कि पूरी भारतीय क्रिकेट टीम को प्रशांत महासागर में डुबो देना चाहिए।

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