बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की जीवनी/bindeshwari Prasad mandal biography in Hindi.

गरीबों और पिछड़ों को समाज से जोड़ने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का आज जन्मदिवस है। ऐसे महान पुरुषों के जन्मदिवस पर मेरा शत-शत नमन है। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल पेशा से एक मजिस्ट्रेट और राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में गरीबों पिछड़ों और वंचितों के उत्थान पर जोर दिया और उन्हीं से संबंधित कामों को करता रहा। दोस्तों आज मैं उनके जन्मदिवस के अवसर पर आपको उनकी पूरी जीवनी के बारे में बताने जा रहा हूं।

बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की जीवन परिचय।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को बनारस में हुआ था। उनके पिता रासबिहारी मंडल ए के जाने-माने अधिवक्ता तथा स्वतंत्रता सेनानी थे। उनके माता का नाम सितवती मंडल था। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल मंडल आयोग के निर्माता एवं अध्यक्ष थे। उनका बचपन बिहार के मधेपुरा के मुरहो गांव में बीता। हुए एक जमींदार परिवार से आते थे।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की शिक्षा।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से हुई थी। आगे की पढ़ाई के लिए वह पटना चले गए जहां से उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। पढ़ाई समाप्त करने के बाद उन्होंने मजिस्ट्रेट के तौर पर 1945 से 1951 तक अपनी सेवाएं दी है।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की राजनीतिक कैरियर।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल नौकरी छोड़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। यहीं से उनका राजनीतिक करियर शुरू हुआ। लेकिन कुछ ही दिनों के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़कर जनता पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने अपना पहला चुनाव मधेपुरा से 1967 में लड़ा और विजय हुई। इसी सीट से 1967 से 1970 तथा 1977 से 1979 तक सांसद रहे।
1968 में बिहार के सातवें मुख्यमंत्री बने।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल 1968 में बिहार के सातवें मुख्यमंत्री बने। 1 फरवरी 1968 में मुख्यमंत्री की शपथ ली लेकिन दुर्भाग्य 30 दिनों के अंदर ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। जनता पार्टी के शासनकाल में एक आयोग का गठन किया गया और इसे भारत के सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछले वर्गों के हित के विषय में एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिम्मेदारी सौंप गई। जिसका नाम मंडल आयोग रखा गया। मंडल आयोग में पिछले तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए नौकरी में आरक्षण की बात कही गई थी। उसे समय देश के प्रधानमंत्री बीपी सिंह थे। उन्होंने मंडल आयोग के सिफारिश को लागू कर दिया। जब देश में मंडल आयोग लागू किया गया तो उच्च वर्ग के लोगों ने काफी विरोध किया। यहां तक की कुछ लोगों ने आत्मदाह तक कर ली।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल के कितने बच्चे हैं।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल के साथ बच्चे हैं जिनमें पांच बेटा और दो बेटी है।
मंडल आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
मंडल आयोग के अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल थे।
मंडल कौन सा जाति होता है?
बिंदेश्वरी प्रसाद के नाम के साथ मंडल इसलिए लगाया गया क्योंकि उन्होंने मंडल आयोग का निर्माण किया था। हालांकि उनकी जाति यादव परिवार से आता है।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की मृत्यु।
63 साल की उम्र में 13 अगस्त 1982 में मंडल आयोग के अध्यक्ष विंदेश्वरी प्रसाद मंडल इस दुनिया को अलविदा कह गए।


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